चर्चा के बिन्दु
भावात्मक एकता व राष्ट्रीय एकता
भावना का सम्बन्ध हृदय से है। भावात्मक एकता के लिये सर्व प्रथम अन्तःकरण की भावना चाहिए। हृदय की आत्मीयता, समान परम्परा की दृढ़ नींव तथा विविधता में एकता — इन्हीं के आधार पर सच्ची राष्ट्रीय एकता सम्भव है।
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