दण्ड
भेद — सिद्ध एवं मूल (Piercing — Position & Basic)
भेदसिद्ध वह आधारभूत स्थिति है जिसमें दण्ड को भेद प्रहार के लिए तैयार किया जाता है और भेद में दण्ड के अगले सिरे से प्रतिद्वन्द्वी के सूर्यचक्र पर सीधा आघात किया जाता है।
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