दण्ड
द्विमुखी क्रमिकायें — मूल क्रम (Two-Directional Sequences — Basic)
द्विमुखी क्रमिकाओं का मूल क्रम — क्रमिका 1 और 2 — वह आधारभूत गतिशील श्रृंखला है जिसमें दाहिना पैर उठाते हुए तीसरे मोहरे पर अधोमार और पहले मोहरे पर सिरमार मारते हुए आगे बढ़ा जाता है।
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