निःयुद्ध
कलरी — प्रयोग 2 एवं 3 (Kalari — Experiment 2 & 3)
कलरी प्रयोग 2 में पार्श्विस्थ और मुख पर आघात के साथ उछलकर आगे जाकर सूर्यचक्र पर मुष्टिप्रहार किया जाता है और प्रयोग 3 में पार्श्विस्थ आघात के बाद ऊपर से नीचे मुख पर आघात तथा बायाँ पैर पीठ की ओर रखते हुए कनिष्ठिकाधार से पार्श्विस्थ पर और उछलकर आगे मुष्टिप्रहार किया जाता है।
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