पदविन्यास
प्रडीन एवं स्थलांतर (Pradin & Sthalantar)
प्रडीन और स्थलांतर — ये दोनों गतियाँ पदविन्यास में दिशा बदलते हुए आगे-पीछे जाने की विधि हैं। इनके युग और विस्तार प्रयोग सांघिकता को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं।
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प्रडीन और स्थलांतर — ये दोनों गतियाँ पदविन्यास में दिशा बदलते हुए आगे-पीछे जाने की विधि हैं। इनके युग और विस्तार प्रयोग सांघिकता को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं।
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