निःयुद्ध
प्रहारक अंग — पदप्रहार 1 (Striking Limbs — Foot Strikes 1)
पदप्रहार के प्रथम भाग में पार्श्वपाद और पुरोपाद सम्मिलित हैं — पार्श्वपाद में दाहिना पैर दाहिनी ओर लेकर कक्ष पर आघात किया जाता है और पुरोपाद में दाहिना पैर अपने सीने के सामने लेकर जानु, वृषण तथा जठर पर क्रमशः आघात किया जाता है।
Get Baal Shakha on Google Play