खेल → प्रज्ञाचक्षु (अंध) के खेल
यह रहा यह रहा
खिलाड़ी गोलाकार खड़े होते हैं। एक खिलाड़ी गोल के बीच आँखें बंद करके खड़ा रहता है। गोलाकार खड़े खिलाड़ियों में से कोई एक आवाज़ को थोड़ी बदलकर बोलने की कोशिश करेगा। जिसकी पारी है वह आवाज़ की दिशा में जाकर किसी को पकड़कर बोलेगा 'यह रहा यह रहा।
Get Baal Shakha on Google Play