यष्टि
यष्टि प्रयोग 22 — शिररोध स्थिर प्रयोग (Yashti Prayog 22 - Shirrodh Sthir Prayog)
यष्टि प्रयोग 22 में यष्टि सिद्ध स्थिति से दाहिनी एवं बायीं ओर से शिरोघात लगाते हुए यष्टि के पतले एवं मोटे सिरे से शिररोध लेने का स्थिर अभ्यास किया जाता है।
Get Baal Shakha on Google Play